Posts

अच्छा सामरी

Image
  अच्छा सामरी एक दिन, एक व्यक्ति लंबी यात्रा पर निकला। रास्ते में कुछ लुटेरों ने उसे घेर लिया, उसका सारा सामान छीन लिया और उसे घायल करके सड़क पर छोड़ दिया। कुछ समय बाद, एक अमीर व्यापारी उधर से गुज़रा, लेकिन घायल आदमी की ओर ध्यान दिए बिना आगे बढ़ गया। फिर एक पुजारी आया, उसने भी घायल व्यक्ति को देखा, लेकिन यह सोचकर कि कोई और उसकी मदद करेगा, वह भी चला गया। अंत में, एक साधारण किसान, जो सामरी समुदाय का था, वहाँ से गुज़रा। उसने घायल व्यक्ति को देखा और बिना कुछ सोचे समझे उसकी मदद की। उसने उसके घावों पर दवा लगाई और उसे अपने गधे पर बैठाकर पास के गाँव में ले गया। वहाँ उसने उसकी देखभाल की और जब तक वह ठीक नहीं हो गया, तब तक उसका ख्याल रखा। नैतिक शिक्षा: हमें बिना किसी स्वार्थ और भेदभाव के दूसरों की मदद करनी चाहिए, चाहे वे अजनबी ही क्यों न हों।

देने वाला पेड़

Image
  देने वाला पेड़ एक गाँव में एक छोटा लड़का था, जिसे एक बड़े पेड़ से बहुत लगाव था। वह रोज़ पेड़ के पास आता, उसकी शाखाओं पर झूलता, उसकी छाया में बैठता, और खूब खुश रहता। जैसे-जैसे लड़का बड़ा हुआ, उसने पेड़ के पास आना बंद कर दिया। एक दिन वह वापस आया और बोला, "मुझे पैसे चाहिए।" पेड़ ने प्यार से कहा, "मेरे फल ले जाओ और बेच दो।" लड़के ने सारे फल ले लिए और चला गया। कुछ सालों बाद वह फिर आया और बोला, "मुझे एक घर चाहिए।" पेड़ ने कहा, "मेरी शाखाएँ काट लो और अपना घर बना लो।" लड़के ने शाखाएँ काट लीं और चला गया। फिर बहुत समय बाद, वह बूढ़ा होकर लौटा और बोला, "मुझे कहीं आराम करना है।" पेड़ ने कहा, "मेरी जड़ें ही बची हैं, आकर मुझ पर बैठ जाओ।" बूढ़ा आदमी बैठ गया, और दोनों खुशी से रोने लगे। नैतिक शिक्षा: सच्चा प्यार बिना किसी स्वार्थ के सिर्फ देना जानता है।

चींटी और कबूतर

Image
चींटी और कबूतर एक बार एक चींटी नदी के किनारे पानी पी रही थी। अचानक उसका पैर फिसल गया, और वह पानी में गिर गई। तेज धार में वह बहने लगी और डूबने लगी। पास ही एक पेड़ पर एक कबूतर बैठा था। उसने चींटी को डूबते हुए देखा। चींटी की मदद करने के लिए कबूतर ने तुरंत एक पत्ता तोड़कर पानी में फेंक दिया। चींटी पत्ते पर चढ़ गई और सुरक्षित किनारे तक पहुंच गई। कुछ दिनों बाद, वही चींटी जंगल में घूम रही थी। उसने देखा कि एक शिकारी कबूतर पर निशाना साध रहा है। चींटी ने जल्दी से शिकारी के पैर में काट लिया। दर्द से शिकारी चिल्लाया, और उसका निशाना चूक गया। यह देखकर कबूतर उड़कर वहां से दूर चला गया। नैतिक शिक्षा: एक अच्छा काम हमेशा लौटकर वापस आता है।

सिंह और चूहा

Image
  सिंह और चूहा एक घने जंगल में एक सिंह राजा रहता था। एक दिन वह अपनी गुफा में सो रहा था। अचानक एक छोटा चूहा वहां आ गया और खेलते-खेलते सिंह के ऊपर चढ़ने लगा। सिंह की नींद खुल गई, और वह गुस्से में आकर चूहे को पकड़ लिया। सिंह गरजते हुए बोला, "तुम्हारी इतनी हिम्मत कि मुझे परेशान करो? अब मैं तुम्हें खा जाऊंगा।" चूहा डर गया और गिड़गिड़ाते हुए बोला, "महाराज, कृपया मुझे छोड़ दीजिए। मैं छोटा और कमजोर हूं। एक दिन मैं आपकी मदद करूंगा।" सिंह हंसा और बोला, "तुम, एक छोटा सा चूहा, मेरी मदद करोगे? यह असंभव है।" लेकिन उसकी दया आ गई और उसने चूहे को छोड़ दिया। कुछ दिन बाद, शिकारी ने सिंह को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। सिंह उसमें फंस गया और जोर-जोर से गरजने लगा। उसकी आवाज सुनकर वही छोटा चूहा वहां पहुंचा। चूहे ने कहा, "महाराज, चिंता मत कीजिए। मैं आपकी मदद करूंगा।" चूहा तेजी से जाल को कुतरने लगा। थोड़ी ही देर में जाल टूट गया और सिंह आजाद हो गया। सिंह ने चूहे को धन्यवाद दिया और कहा, "तुम्हारे छोटे आकार को देखकर मैंने तुम्हें कमजोर समझा, लेकिन आज तुमने सिखा दिय...