अच्छा सामरी
अच्छा सामरी
एक दिन, एक व्यक्ति लंबी यात्रा पर निकला। रास्ते में कुछ लुटेरों ने उसे घेर लिया, उसका सारा सामान छीन लिया और उसे घायल करके सड़क पर छोड़ दिया।
कुछ समय बाद, एक अमीर व्यापारी उधर से गुज़रा, लेकिन घायल आदमी की ओर ध्यान दिए बिना आगे बढ़ गया। फिर एक पुजारी आया, उसने भी घायल व्यक्ति को देखा, लेकिन यह सोचकर कि कोई और उसकी मदद करेगा, वह भी चला गया।
अंत में, एक साधारण किसान, जो सामरी समुदाय का था, वहाँ से गुज़रा। उसने घायल व्यक्ति को देखा और बिना कुछ सोचे समझे उसकी मदद की। उसने उसके घावों पर दवा लगाई और उसे अपने गधे पर बैठाकर पास के गाँव में ले गया। वहाँ उसने उसकी देखभाल की और जब तक वह ठीक नहीं हो गया, तब तक उसका ख्याल रखा।
नैतिक शिक्षा:
हमें बिना किसी स्वार्थ और भेदभाव के दूसरों की मदद करनी चाहिए, चाहे वे अजनबी ही क्यों न हों।

Comments
Post a Comment